NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

NCERT Solutions Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare in Hindi जीव विज्ञान mp board, up board, Rajasthan board और Bihar board के छात्र हैं Jeev Vigyan Class 12 Biology Chapter 10 Important Questions and answer, notes खोज रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए हेल्पफुल होगा इस आर्टिकल में Class 12 Biology chapter 10 manav kalyan me sukshmjeev solution in Hindi pdf download करना बताया गया है NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

Telegram Group Join Now
WhatsApp Group Join Now
पुस्तक NCERT
कक्षा 12 वीं
विषय जीव विज्ञान
अध्याय 10 – मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
केटेगरी NOTES & SOLUTION
वेबसाइट mpboard.org.in

प्रश्न 1. जीवाणुओं को नग्न नेत्रों द्वारा नहीं देखा जा सकता, लेकिन सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखा जा सकता है। यदि आपको अपने घर से अपनी जीव विज्ञान प्रयोगशाला तक एक नमूना ले जाना हो . और सूक्ष्मदर्शी की सहायता से इस नमूने से सूक्ष्मदर्शी की उपस्थिति को प्रदर्शित करना हो, तो किस प्रकार का नमूना आप अपने साथ ले जायेंगे और क्यों?

उत्तर-

यदि हमको अपने घर से जीव विज्ञान प्रयोगशाला तक सूक्ष्मजीव का नमूना ले जाकर सूक्ष्मदर्शी में अवलोकन करना हो तो हम एक सड़ी (खराब) ब्रेड का टुकड़ा अथवा थोड़ी मात्रा में दही ले जायेंगे। क्योंकि ये दोनों चीजें आसानी से उपलब्ध हैं और इनमें सूक्ष्मजीव आसानी से दिखाई दे जाते हैं। सूक्ष्मजीव लैक्टोबेसीलसया अन्य लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया (L.A.B.) दूध में वृद्धि कर उसे दही में परिवर्तित करते हैं। इसी प्रकार ब्रेड पर दिखाई पड़ने वाला हरा रंग कवक (fungi) होता है, इसके बीज (spore) वायु में उपस्थित रहते हैं तथा खाद्य पदार्थ में वृद्धि करते रहते हैं।

प्रश्न 2.

उपापचय के दौरान सूक्ष्मजीव गैसों का निष्कासन करते हैं, उदाहरण द्वारा सिद्ध कीजिए।

उत्तर

डोसा व इडली (Dosa and Idli) निर्माण दाल-चावल के आटे को गीला कर जीवाणु द्वारा किण्वित कराने के उपरांत होता है। किण्वन के कारण आटे में से CO2, निकलती है। इस क्रिया को खमीर उठाना कहा जाता है । इस क्रिया के बाद आटा ढीला व मुलायम तथा फूली हुई आकृति वाला बन जाता है । इस आटे के द्वारा डोसा व इडली बनाया जाता है।

Join Private Group - CLICK HERE
बोर्ड परीक्षा 2024लिंक
New Syllabus 2024Click Here
New Blueprint 2024Click Here
Exam Pattern 2024Click Here
Board Exam Time Table 2024Click Here
Practical Exam Date 2024Click Here

स्विस चीज (Swiss cheese) में पाये जाने वाले बड़े-बड़े छिद्र प्रोपिओनिबैक्टीरियम शारमैनाई नामक जीवाणु द्वारा अधिक मात्रा में उत्पन्न CO2, के कारण होते हैं। रॉक्यूफोर्ट चीज़ एक विशेष प्रकार के कवक पेनीसीलियम रॉक्वीफोर्टी (Penicillium roqueforti) की सहायता से तैयार किया जाता है। इस प्रकार के पनीर में विशिष्ट सुगंध होती है।।

प्रश्न 3.

किस भोजन (आहार) में लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया मिलते हैं ? इनके कुछ लाभप्रद उपयोगों का वर्णन कीजिए।

उत्तर

दही (Curd) इसे दूध में जीवाणुओं के द्वारा किण्वन क्रिया के फलस्वरूप प्राप्त किया जाता है। दूध से दही के निर्माण में भाग लेने वाले जीवाणु लैक्टिक एसिड जीवाणु (Lactic acid bacteria-LAB.) होते हैं।

इन जीवाणुओं में लैक्टोबैसीलस एसीडोफिलस (Lactobacillus acidphilous), लै.लैक्टिस (L. Lactis) व स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिस (Streptococcus lactis) होते हैं। ये जीवाणु लैक्टिक अम्ल का उत्पादन करते हैं जो 45° से कम तापक्रम पर दुग्ध प्रोटीन को स्कंदित तथा आंशिक रूप से बचा देते हैं । आरंभ में दही को थोड़ी मात्रा में जामन (निवेश द्रव्य) के रूप में हल्के गर्म दूध में मिलायी जाती है।

इस जामन में असंख्य लैक्टिक एसिड जीवाणु होते हैं जो उपयुक्त ताप पर कई गुना वृद्धि करते हैं जिसके फलस्वरूप दूध दही में परिवर्तित हो जाता है। यही नहीं इसमें Vit. B12 की मात्रा बढ़ने से पोषण संबंधी गुणवत्ता में भी सुधार आता है।

दध से दही बनते समय लैक्टोबेसीलसलैक्टोज शर्करा को किण्वित कर लैक्टिक अम्ल में बदलते हैं तो स्ट्रेप्टोकोकस कैसीन प्रोटीन (दुग्ध प्रोटीन) को स्कंदित करते हैं। हल्के गर्म दूध में जामन डालने के पश्चात् लगभग 5 घण्टे में दही का निर्माण हो जाता है।

प्रश्न 4.

कुछ पारंपरिक आहार जो गेहूँ, चावल तथा चना (अथवा उनके उत्पाद) से बनते हैं और उनमें सूक्ष्मजीवों का उपयोग शामिल हो, उनके नाम बताइए।

उत्तर

बहुत से पारंपरिक भारतीय आहार है जो गेहूँ, चावल तथा चना से बनते हैं और उनमें सूक्ष्मजीवों का प्रयोग शामिल होता है उनके नाम इस प्रकार हैं दही, पनीर, चीज़, डोसा, इडली, कुछ भारतीय ब्रेड जैसे-भटूरा दक्षिण भारत के कुछ भागों में एक पारंपरिक पेय टोडी है।

Join Private Group - CLICK HERE

प्रश्न 5.

हानिप्रद जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न करने वाले रोगों के नियंत्रण में सूक्ष्मजीव किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ?

उत्तर

सबसे पहले प्रतिजैविक पेनिसिलीन (Penicillin) की खोज हुई थी। सन् 1928 में अलेक्जेण्डर फ्लेमिंग (Alexander fleming) ने खोजा था। अलेक्जेण्डर फ्लेमिंग जब स्टेफिलोकोकस(Staphylococcus) नामक जीवाणु पर कार्य कर रहे थे तब उन्होंने देखा कि जिन प्लेटों पर वह कार्य कर रहे थे उनमें एक बिना धुली प्लेट पर मोल्ड (Moulds) उत्पन्न हो गये हैं, इस कारण स्टैफिलोकोकस वृद्धि नहीं कर सका। उन्होंने पाया कि यह प्रभाव मोल्ड द्वारा उत्पन्न एक रसायन पेनिसिलीन द्वारा होता है। क्योंकि पेनिसिलीन पेनिसिलियम नोटेटम (Penicillium notatum) नामक मोल्ड से उत्पन्न होता है। इसी कारण इसका नाम उन्होंने पेनिसिलीन रखा।

पेनिसिलीन की खोज के बाद अनेक प्रतिजैविक जैसे टेट्रासाइक्लिन, कैनामाइसिन, नियोमाइसीन, ल्यूकोमाइसीन आदि को पृथक किया जा चुका है। इनका प्रयोग जीवाणु, कवक, विषाणु तथा अन्य सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न रोगों के उपचार में किया जाता है। प्लेग, काली खाँसी, डिफ्थीरिया (गलघोंटू) लेप्रोसी (कुष्ठ रोग) जैसे भयानक रोग जिनसे संसार के लाखों लोग मरे हैं, इसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक ने हमारी क्षमता में वृद्धि किया तथा एक शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया है।

प्रश्न 6.

किन्हीं दो कवक प्रजातियों के नाम लिखिए, जिनका प्रयोग प्रतिजैविकों(एंटीबायोटिक्स) के उत्पादन में किया जाता है ?

उत्तर

पेनीसिलिन, पेनीसिलियम नोटेटमसे तथा पेनीसिलीन क्रासोजिनम नामक मोल्ड से उत्पन्न होता है।

प्रश्न 7.

वाहित मल से आप क्या समझते हैं, वाहित मल हमारे लिए किस प्रकार से हानिप्रद है ?

उत्तर

प्रतिदिन नगर एवं शहरों से व्यर्थ-जल की एक बहुत बड़ी मात्रा जनित होती है। इस व्यर्थ जल का प्रमुख घटक मनुष्य का मलमूत्र है। नगर के इस व्यर्थ जल को वाहित मल (सीवेज) भी कहते हैं। इसमें कार्बनिक पदार्थों की बड़ी मात्रा तथा सूक्ष्मजीव पाये जाते हैं जो अधिकांशतः रोगजनकीय होते हैं।

प्रश्न 8.

प्राथमिक तथा द्वितीयक वाहित मल उपचार के बीच पाए जाने वाले मुख्य अंतर कौन से

उत्तर

प्राथमिक तथा द्वितीयक वाहित मल उपचार में अंतर

NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi
NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

प्रश्न 9.

सूक्ष्मजीवों का प्रयोग ऊर्जा के स्रोतों के रूप में भी किया जा सकता है यदि हाँ तो किस प्रकार से ? इस पर विचार कीजिए।

उत्तर

हाँ, सूक्ष्मजीवों का प्रयोग ऊर्जा के स्रोतों के रूप में भी किया जा सकता है। बायो गैस एक प्रकार से गैसों का मिश्रण है जो सूक्ष्मजीवों की सक्रियता द्वारा उत्पन्न होती है। वृद्धि तथा उपापचय के दौरान सूक्ष्मजीव विभिन्न किस्मों के गैसीय उत्पाद उत्पन्न करते हैं। जैसे-मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड तथा CO2, I ये गैसें बायोगैस का निर्माण करती हैं। चूँकि ये ज्वलनशील होती हैं, इस कारण इनका प्रयोग ऊर्जा के स्रोत के रूप में किया जा सकता है । बायो गैस को सामान्यत: गोबर गैस भी कहते हैं।

प्रश्न 10.

सूक्ष्मजीवों का प्रयोग रसायन उर्वरकों तथा पीड़कनाशियों के प्रयोग को कम करने के लिए भी किया जा सकता है। यह किस प्रकार सम्पन्न होगा ? व्याख्या कीजिये।

उत्तर

सहसंबंध द्वारा (By correlation)-उच्च पौधों की जड़ों तथा कवकों के सह-संबंध को माइकोराइजा (Mycorrhiza) कहते हैं। माइकोराइजा का निर्माण ग्लोमस (glomus) वंश के अनेक सदस्यों द्वारा होता है। कवक मृदा में उपस्थित फॉस्फोरस का अवशोषण करके पादपों को देते हैं तथा पौधे की जड़ इन्हें पनपने का स्थान तथा भोजन प्रदान करती है। इसके उदाहरण ओक (oak), बीच (beech), तथा अनेक पाइन (pines), पादप हैं ।

इस प्रकार के संबंधों से पादप को अनेक लाभ होते हैं जैसे मूलवातोढ़ (root born), रोगजनक के प्रति प्रतिरोधकता, लवणता तथा सूखे के प्रति सहनशीलता एवं विकास प्रदर्शित करते हैं। . सायनोबैक्टीरिया स्वपोषित सूक्ष्मजीव है जो जलीय तथा स्थलीय वायुमण्डल में विस्तृत रूप से पाये जाते हैं। इनमें बहुत-से जीव वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को स्थिरीकृत करते हैं, जैसे- एनाबीना, नॉस्टॉक, ऑसिलेटोरिया आदि । नील-हरित शैवाल या सायनोबैक्टीरिया महत्वपूर्ण जैव उर्वरक हैं। ये मृदा में कार्बनिक पदार्थों को बढ़ाते हैं जिससे मृदा की उर्वरता बढ़ती है। वर्तमान में किसान इन्हीं जैव उर्वरकों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं।

प्रश्न 11.

जल के तीन नमूने लो-एक नदी का जल, दूसरा अनुपचारित वाहित मल-जल तथा तीसरा वाहित मल उपचार संयंत्र से निकला द्वितीयक बहिःस्राव। इन तीनों नमूनों पर “अ”तथा “ब”, “स” के लेबल लगाओ। इस बारे में प्रयोगशाला कर्मचारी को पता नहीं है कि कौन-सा क्या है ? इन तीनों नमूनों “अ”, “ब” तथा “स” के बी. ओ. डी. का रिकार्ड किया गया जो क्रमश: 20mg/L,8mg/L तथा 400mg/L निकला। इन नमूनों में कौन-सा सबसे अधिक प्रदूषित नमूना है ? इस तथ्य को सामने रखते हुए कि नदी का जल अपेक्षाकृत अधिक स्वच्छ है। क्या आप सही लेबल का प्रयोग कर सकते हैं?

उत्तर

बी. ओ. डी. ऑक्सीजन की उस मात्रा को संदर्भित करता है जो जीवाणु द्वारा एक लीटर पानी में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों की खपत कर उन्हें ऑक्सीकृत कर दें। वाहित मल का तब तक उपचार किया जाता है जब तक बी. ओ. डी. घट न जाए । जल के एक नमूने में सूक्ष्मजीवियों द्वारा ऑक्सीजन के उद्ग्रहण की दर का मापन बी. ओ. डी. परीक्षण से किया जाता है, अत: अप्रत्यक्ष रूप से जल में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों का मापन ही बी. ओ. डी. है। जब व्यर्थ जल का बी. ओ. डी. अधिक होगा, तब उसकी प्रदूषण क्षमता भी अधिक होगी।

दिए गए जल के तीन नमूनों में से नदी के जल का बी. ओ. डी. ।

(अ) 20mg/L है, अनुपचारित वाहित मल-जल का बी. ओ. डी.।

(ब) 8mg/L तथा द्वितीयक बहि:स्राव के जल का बी.ओ.डी.।

(स) 400mg/L है।

सही लेबल इस प्रकार है

(अ) नदी का जल (स्वच्छ जल)।

(ब) द्वितीयक बहि:स्राव (उपचारित वाहित मल)।

(स) दूसरा अनुपचारित (वाहित मल-जल)।

प्रश्न 12.

उस सूक्ष्मजीव का नाम बताइए जिसमें साइक्लोस्पोरिन-ए( प्रतिरक्षा निषेधात्मक औषधि) तथा स्टैटिन (रक्त कोलेस्ट्रॉल लघुकरण कारक) को प्राप्त किया जाता है। .

उत्तर

साइक्लोस्पोरिन-ए जिसका प्रयोग अंग प्रतिरोपण में प्रतिरक्षा निरोधक (इम्यूनोसप्रेसिव) के रूप में रोगियों में किया जाता है। इसका उत्पादन ट्राइकोडर्मा पॉलीस्पोरम नामक कवक से किया जाता है। मोनोस्कस परप्यूरीअस यीस्ट से स्टैटिन उत्पन्न किया जाता है । इस स्टैटिन का व्यापारिक स्तर पर उपरोक्त रक्त कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले कारक के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 13.

निम्नलिखित में सूक्ष्मजीवियों की भूमिका का पता लगाइए तथा अपने अध्यापक से इनके विषय में विचार-विमर्श कीजिए

(1) एकल कोशिका प्रोटीन (एस.सी.पी.)

(2) मृदा।

उत्तर

(1) एकल कोशिका प्रोटीन (एस.सी.पी.)-पशु तथा मानव पोषण के लिए प्रोटीन के वैकल्पिक स्रोतों में से एक एकल कोशिका प्रोटीन है। सूक्ष्मजीवों को प्रोटीन के अच्छे स्रोत के रूप में बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है वास्तव में, अधिकांश लोगों द्वारा मशरूम भोजन के रूप में खाए जाने लगे हैं। अत: बड़े पैमाने में मशरूम संवर्धन एक प्रकार से बढ़ता हुआ उद्योग है।

जिससे अब विश्वास होने लगा है कि सूक्ष्मजीव आहार के रूप में स्वीकार्य हो जायेंगे। सूक्ष्मजीवी स्पाइरूलाइना में प्रोटीन, खनिज, वसा, कार्बोहाइड्रेट तथा विटामिन प्रचुर मात्रा में विद्यमान हैं । इसका उपयोग पर्यावरणीय प्रदूषण को भी कम करता है । सूक्ष्मजीव जैसे मिथाइलोफिलस मिथाइलोट्रोपस की वृद्धि तथा बायोमास उत्पादन की उच्च दर से संभावित 25 टन तक प्रोटीन उत्पन्न कर सकते हैं।

(2) मृदा-जैव उर्वरक एक प्रकार के जीव है, जो मृदा की पोषक गुणवत्ता को बढ़ाते हैं । जैव उर्वरकों का मुख्य स्रोत जीवाणु, कवक तथा सायनोबैक्टीरिया होते हैं । लेग्यूमिनस पादपों की जड़ों पर स्थित ग्रंथियों का निर्माण राइजोबियम के सहजीवी संबंध द्वारा होता है। यह जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिरीकृत कर कार्बनिक रूप में परिवर्तित कर देते हैं । पादप इसका उपयोग पोषकों के रूप में करते हैं। यह भी वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर सकते हैं। इस प्रकार मृदा में नाइट्रोजन अवयव बढ़ जाते हैं।

प्रश्न 14.

निम्नलिखित को घटते क्रम में मानव समाज कल्याण के प्रति उनके महत्व के अनुसार संयोजित करें, महत्वपूर्ण पदार्थ को पहले रखते हुए कारणों सहित अपना उत्तर लिखिए बायो गैस, सिट्रिक एसिड, पेनीसिलिन तथा दही।

उत्तर

दी गई सूची में सबसे महत्वपूर्ण पदार्थ पेनीसिलीन है क्योंकि यह मानव सभ्यता के कल्याण हेतु महत्वपूर्ण है। यह कई जानलेवा बीमारियों को ठीक करता है। इसके बाद सूची में बायोगैस का नंबर आता है क्योंकि यह ईंधन का स्रोत है। इसके बाद दही का स्थान आता है क्योंकि यह हमें पोषक दुग्ध उत्पाद प्रदान करता है। अंत में सिट्रिक एसिड आता है, क्योंकि इसका उपयोग प्रोसेसिंग उद्योग में किया जाता है।

प्रश्न 15.

जैव उर्वरक किस प्रकार से मृदा की उर्वरता को बढ़ाते हैं ?

उत्तर

जैव उर्वरक एक प्रकार के जीव हैं जो मृदा की पोषक गुणवत्ता को बढ़ाते हैं । जैव उर्वरकों का मुख्य स्रोत कवक, जीवाणु तथा सायनोबैक्टीरिया होते हैं। यह जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिरीकृत कर कार्बनिक रूप में परिवर्तित कर देते हैं। दूसरे जीवाणु ऐजोस्पाइरिलम तथा ऐजोबैक्टर भी वायुमण्डलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर सकते हैं । धान के खेत में सायनोबैक्टीरिया महत्वपूर्ण जैव उर्वरक की भूमिका निभाते हैं। नील-हरित शैवाल भी मृदा में कार्बनिक पदार्थ बढ़ा देते हैं, जिससे उसकी उर्वरता बढ़ जाती है।

NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi
NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरमानव कल्याण में सूक्ष्मजीव वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. सही विकल्प चुनकर लिखिए

प्रश्न 1.

मढ़े जैसा एक खट्टा तरल दुग्ध उत्पाद है

(a) पनीर

(b) दही

(c) योगर्ट

(d) इनमें से कोई नहीं।

उत्तर

(c) योगर्ट

प्रश्न 2.

क्लॉस्ट्रिडियम, एजोटोबैक्टर, राइजोबियम भूमि की उर्वरा शक्ति किसके द्वारा बढ़ाते हैं

(a) नाइट्रोजन स्थिरीकरण से

(b) विनाइट्रोजनीकरण से

(c) इमल्सीफिकेशन से

(d) विटामिन से।

उत्तर

(a) नाइट्रोजन स्थिरीकरण से

प्रश्न 3.

टेट्रासाइक्लिन प्राप्त किया जाता है

(a) स्ट्रे. रेमोसस से

(b) स्ट्रे. ऑरियोफैसिएन्स से

(c) स्ट्रे. फ्रेडी से

(d) स्टे. नोडोसमसे।

उत्तर

(b) स्ट्रे. ऑरियोफैसिएन्स से

प्रश्न 4.

स्ट्रेप्टोमाइसेज ओलिवेसियम एवं बैसिलस मेगाथीरियम से प्राप्त किया जाता है

(a) विटामिन C

(b) विटामिन D

(c) विटामिन E

(d) विटामिन B12

उत्तर

(d) विटामिन B12

प्रश्न 5.

न्यूमोनिया, टी. बी. व कोढ़ के उपचार के लिये उपयोग किया जाता है

(a) जीवाणुभोजियों का

(b) केवल जीवाणु का

(c) केवल विषाणु का

(d) कवकों का।

उत्तर

(a) जीवाणुभोजियों का

प्रश्न 6.

जैव तकनीकी एवं सूक्ष्मजैविकी में विषाणुओं का उपयोग किया जाता है

(a) दवाई के रूप में

(b) वेक्टर के रूप में

(c) जल उपचार में

(d) तीनों क्षेत्र में।

उत्तर

(b) वेक्टर के रूप में

प्रश्न 7.

बेकरी में रोटी, बिस्कुट व अन्य उत्पाद को प्राप्त करने में उपयोगी है

(a) विषाणु

(b) जीवाणु

(c) यीस्ट

(d) प्रोटोजोअन।

उत्तर

(c) यीस्ट

प्रश्न 8.

यीस्ट में कौन-सा विटामिन पाया जाता है

(a) C

(b)D

(c)B complex

(d)A.

उत्तर

(c)B complex

प्रश्न 9.

स्ट्रे. रेमोसस से कौन-सी औषधि प्राप्त करते हैं

(a) टेरामाइसिन

(b) निओमाइसिन

(c) इरिथ्रोमाइसिन

(d) ऐक्टिडीन।

उत्तर

(a) टेरामाइसिन

प्रश्न 10.

नाइट्रोसोमोनास एवं नाइट्रोबैक्टर जीवाणु है

(a) डीनाइट्रीफाइंग

(b) नाइट्रीफाइंग

(c) एसीटोबैक्टर

(d) हॉर्मोन प्रोड्यूसर

उत्तर

(b) नाइट्रीफाइंग

प्रश्न 11.

लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया द्वारा दूध से दही में परिवर्तन करने में किस विटामिन की मात्रा में वृद्धि होती है

(a) विटामिन C

(b) विटामिन D

(c) विटामिन B12

(d) विटामिन E

उत्तर

(c) विटामिन B12

प्रश्न 12.

मीथेनोजेन निम्नलिखित में से किसमें नहीं पाये जाते हैं

(a) मवेशियों के मेन

(b) गोबर गैस संयंत्र

(c) पानी से भरे धान के खेत की तली पर

(d) सक्रियत आपंक में।

उत्तर

(c) पानी से भरे धान के खेत की तली पर

प्रश्न 13.

वाहित मल के प्राथमिक उपचार में जल किससे मुक्त होता है

(a) घुलित अशुद्धियाँ

(b) स्थिर कण

(c) विषैले पदार्थ

(d) हानिकारक जीवाणु।

उत्तर

(b) स्थिर कण

प्रश्न 14.

अपशिष्ट जल की B.O.D. निम्न में से किसकी मात्रा के आंकलन से जानी जाती है

(a) कुल कार्बनिक पदार्थ

(b) जैव अपघटनीय कार्बनिक पदार्थ

(c) ऑक्सीजन की मुक्ति

(d) ऑक्सीजन की खपत।

उत्तर

(d) ऑक्सीजन की खपत।

प्रश्न 15.

भारत में गौवंश के गोबर से बायो गैस उत्पादन की तकनीक प्रमुखतः किसके प्रयासों से विकसित की गई

(a) गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया

(b) तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग

(c) भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान तथा खादी एवं ग्राम उद्योग विभाग

(d) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन।

उत्तर

(c) भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान तथा खादी एवं ग्राम उद्योग विभाग

प्रश्न 16.

मुक्तजीवी फंगस ट्राइकोडर्मा का प्रयोग किया जा सकता है

(a) कीटों को मारने में

(b) पादप रोगों के जैव नियंत्रण में

(c) बटर फ्लाई के कैटरपिलर के नियंत्रण में

(d) एंटीबायोटिक्स के निर्माण में।

उत्तर

(b) पादप रोगों के जैव नियंत्रण में

प्रश्न 17.

माइकोराइजा पोषक पौधों की किस कार्य में मदद नहीं करता

(a) इसकी फॉस्फोरस ग्रहण करने की क्षमता बढ़ाने में

(b) इसकी शुष्कता ग्रहण करने की क्षमता बढ़ाने में

(c) इसकी जड़ों की रोगजनकों के प्रति प्रतिरोधकता बढ़ाने में

(d) इसकी कीटों के लिए प्रतिरोधकता बढ़ाने में।

उत्तर

(a) इसकी फॉस्फोरस ग्रहण करने की क्षमता बढ़ाने में

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत सूक्ष्म जीवों (आँखों से न दिखने वाले) का अध्ययन करते हैं, ………… कहलाता है।

2 पनीर बनाने के लिये ……….. वंश के जीवाणु का उपयोग किया जाता है।

3. नाइट्रोसोमोनास, नाइट्रोबैक्टर ………….. जीवाणु है।

4. सिरका उद्योग में ……….. जीवाणु का उपयोग होता है।

5. पेक्टिनेज एंजाइम …………. प्रजाति की सहायता से बनाते हैं।

6. सूक्ष्म जीवाणु का आकार …………. mm से कम होता है।

7. दही …………. जीवाणु की सहायता से बनाया जाता है।

8. दूध से चीज़ बनाते समय फलों की सुगंध डालने से बना पदार्थ …………. कहलाता है। .

9. दूध से सीधे बना छेना …………. छेना होता है।

10. कवकरोधी जीवाण्विक प्रतिरक्षी पदार्थ …………. होता है।

उत्तर

  1. सूक्ष्मजैविकी
  2. लैक्टोबैसिलस
  3. नाइट्रीफाइंग
  4. एसीटोबैक्टर एसीटी
  5. क्लॉस्ट्रिडियम
  6. 0-1
  7. लैक्टोबैसिलस
  8. योगर्ट
  9. कच्चा
  10. पॉलीमिक्सिन।

3. सही जोड़ी बनाइये

I. ‘A’- ‘B’

1. पेनिसिलिन – (a) पे. सिट्रिनम

2 साइट्रिनिन – (b) पे. क्लेविफोर्मी

3. क्लैविसिन – (c) टाइकोडर्मा स्पी

4. ग्लियोटॉक्सिन – (d) पेनिसिलियम नोटेटम।

उत्तर

1.(d), 2. (a), 3. (b), 4. (c)

II. ‘A’ – ‘B’

1. विटामिन प्रोड्यूसर – (a) ऐस्परजिलस

2 प्रतिजैविक उत्पादक – (b) मोनैस्कस

3. हॉर्मोन उत्पादक – (c) यीस्ट

4. एंजाइम उत्पादक – (d) पेनिसिलियम

5. वर्णक उत्पादक – (e) जिबरेला फ्यूजिकोराई।

उत्तर

1.(c), 2. (d), 3.(e), 4. (a), 5. (b).

III. ‘A’ – ‘B’

1. पेनिसिलिन – (a) स्ट्रेप्टोमाइसिस वेनक्यूली

2. क्लोरेमफिनीकाल – (b) स्ट्रेप्टोमाइसिस राइमोसस

3. टेरामाइसिन – (c) स्ट्रेप्टोमाइसिस ओरियोफेसियन्स

4. टेट्रासाइक्लिन – (d) पेनिसिलियम क्रासोजिनम।

उत्तर

1. (d), 2. (a), 3. (b), 4. (c).

प्रश्न 4.

एक शब्द में उत्तर दीजिए

1. मिट्टी में पाये जाने वाले दो नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणुओं के नाम बताइए।

2 सूक्ष्मजीवों द्वारा कीट / खरपतवार के नियंत्रण को क्या कहते हैं ?

3. सहजीवी एवं असहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणुओं के नाम बताइए।

4. IPM का पूरा नाम लिखिए।

5. पीड़कनाशी का नाम दीजिए।

6. फसल के साथ उगे अवांछित पौधे को क्या कहते हैं ?

उत्तर

  1. एजोटोबैक्टर, बैसिलस पॉलीमिक्सा
  2. जैविक नियंत्रण
  3. सहजीवी- राइजोबियम, असहजीवी– एजोटोबैक्टर
  4. इन्टीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट
  5. एजेडिरेक्टिन
  6. खरपतवार

मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

प्रमुख उपयोगी सूक्ष्मजीवों के नाम लिखिए।

उत्तर

प्रमुख उपयोगी सूक्ष्मजीवों के नाम जीवाणु, कवक और विषाणु हैं।

प्रश्न 2.

जिबरेलिन नामक हॉर्मोन किस कवक से प्राप्त किया जाता है ?

उत्त

जिबरेलिन नामक हॉर्मोन जिबरेला फ्यूजिकोराई से प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 3.

डेयरी उद्योग में जीवाणु से कौन-कौन-से उत्पाद बनाए जाते हैं ?

उत्तर

डेयरी उद्योग में जीवाणुओं से दही, मक्खन, पनीर, मट्ठा एवं योगर्ट बनाए जाते हैं। इसके लिये लेक्टोबेसीलस स्पी. एवं स्ट्रेप्टोकोकस स्पी. आदि का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 4.

प्रतिजैविक किन सूक्ष्मजीवों से प्राप्त करते हैं ?

उत्तर

प्रतिजैविक मुख्यत: जीवाणु एवं कवक द्वारा प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 5.

सूक्ष्म जीव विज्ञान (सूक्ष्मजैविकी) किसे कहते हैं ?

उत्तर

सूक्ष्म जीव विज्ञान जीव विज्ञान की वह शाखा है, जिसके अन्तर्गत सूक्ष्मदर्शी से दिखाई देने वाले सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 6.

निम्नलिखित उत्पादन करने वाले कवक का नाम बताइए

(1) साइट्रिक अम्ल

(2) विटामिन B2,

उत्तर

उत्पाद का नाम – उत्पादन करने वाले कवक का नाम

  1. साइट्रिक अम्ल -पेनिसिलियम साइट्रियम, पेनिसिलियम ल्यूटियम, म्यूकर पाइरीफार्मिस एवं ऐस्परजिलस नाइगर।
  2. विटामिन B2 – क्लॉस्ट्रीडियम ऐसीटोन्यूटिलिकम, एरीमोथीसियम ऐस्बी।

प्रश्न 7.

योगर्ट क्या है ?

उत्तर

योगर्ट एक दुग्ध उत्पाद है, जो मढे जैसा खट्टा तरल पदार्थ है।

प्रश्न 8.

बोतल में बंद गंगाजल बहुत अधिक समय तक रखने पर भी नहीं सड़ता। क्यों?

उत्तर

गंगा के जल में वर्षों से मृत शरीर तथा अन्य उत्सर्जी पदार्थों का विसर्जन किया जाता है, लेकिन जीवाणुभोजी की उपस्थिति के कारण यह जल बोतल में बहुत अधिक समय तक रखने पर भी नहीं सड़ता।

प्रश्न 9.

एंटीबायोटिक पेनिसिलिन की खोज किसने की?

उत्तर

एलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने।

प्रश्न 10.

पेनिसिलिन किस सूक्ष्मजीव/कवक से प्राप्त होता है ?

उत्तर

पेनिसिलियम नोटेटम (Penicillium notatum) से।

प्रश्न 11.

औद्योगिक रूप से सिट्रिक अम्ल बनाने में किस सूक्ष्मजीव का प्रयोग होता है ?

उत्तर

एस्परजिलस नाइगर (Aspergillus niger)।

प्रश्न 12.

किसी एक मीथेनोजेन जीवाणु का नाम लिखिए।

उत्तर

मीथेनोबैक्टीरियम प्रजाति (Methanobacterium sp.)

प्रश्न 13.

सीवेज ट्रीटमेन्ट में अवायवीय अवपंक (एनएरोबिक स्लज) में कौन से जीवाण पाये जाते हैं ?

उत्तर

मीथेनोजेन्स (Methanogens)

प्रश्न 14.

लेडीबर्ड क्या है ?

उत्तर

एक कीट है जिसको एफिड के नियंत्रण हेतु जैव नियंत्रक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 15.

IPM का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर

इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (Integrated Pest Management)।

प्रश्न 16.

एक स्वपोषी नाइट्रोजन स्थिरीकरणकर्ता सूक्ष्मजीव का नाम बताइये।

उत्तर

एनाबीना (Anabaena)

प्रश्न 17.

माइकोराइजा किस विशिष्ट खनिज का अवशोषण कर पौधों की जड़ों को देती है जो पौधा स्वयं अवशोषित नहीं कर पाता।

उत्तर

फॉस्फोरस।

प्रश्न 18.

दूध को दही में परिवर्तित करने वाले सूक्ष्मजीव का नाम बताइये।

उत्तर

लैक्टोबैसीलस प्रजाति (Lactobacillus spe.)

प्रश्न 19.

जैव वैज्ञानिक नियंत्रण के तहत् कौन-से कवक का उपयोग पादप रोगों के उपचार में किया जाता है।

उत्तर

ट्राइकोडर्मा प्रजाति (Trichoderma spe.)

प्रश्न 20.

स्वीस पनीर बनाने के लिये किस जीवाणु का प्रयोग होता है।

उत्तर

प्रोपिओनीबैक्टीरियम शारमैनाई (Propionibacterium sharmanii)।

प्रश्न 21.

कौन-सा पनीर एक विशिष्ट कवक की वृद्धि से परिपक्व होता है।

उत्तर

रॉक्फोर्ट पनीर (Roquefort cheese)।

प्रश्न 22.

बिना आसवन के बनने वाले दो ऐल्कोहॉलिक पेयों के नाम लिखिए।

उत्तर

बियर (Beer) तथा वाइन (Wine)

प्रश्न 23.

किण्वित रस के आसवन से तैयार होने वाले दो ऐल्कोहॉलिक पेयों के नाम लिखिए।

उत्तर

व्हिस्की (Whisky) तथा रम (Rum)।

प्रश्न 24.

बी. ओ. डी. का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर

बायोकैमिकल या बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (Biochemical or biological Oxygen Demand)

प्रश्न 25.

उस जीवाणु का नाम बताइये जो मिट्टी के भीतर नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है ?

उत्तर

स्पाइरुलीना।

प्रश्न 26.

किसी ऐसे संक्रमणकारी कारक का नाम बताइये जिसमें न तो डी.एन.ए. होता है और न ही आर. एन. ए.

उत्तर

प्रियॉन (Prion)

मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

पनीर क्या है ? इसे किस प्रकार तैयार किया जाता है ?

उत्तर

पनीर एक दुग्ध उत्पाद है, जिसमें 20 से 30% प्रोटीन होती है। दूध को साफ पतले कपड़े में छानकर 60°C पर 30 मिनट तक गर्म कर 15 सेकण्ड तक 75°C गर्म करते हैं। इसके पश्चात् इसे 30°C तापक्रम तक ठंडा करते हैं, इसमें लैक्टिक अम्ल जीवाणु स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिस, स्ट्रे. क्रिमोटिस तथा रेनिन एन्जाइम की थोड़ी सी मात्रा डालते हैं । इससे दूध से वसा एवं कैसीन प्रोटीन हट जाता है। दूध में उपस्थित कैसीन लगभग 45 मिनट में जमकर ठोस हो जाता है। छोटे-छोटे टुकड़े काटकर गर्म पानी में एक घंटा गर्म करते हैं, जब तैरने . लगे तो निकालकर निचोड़ते हैं। फिर नमक पानी में डुबाकर उपचारित कर लेते हैं। पनीर तैयार हो जाता है।

प्रश्न 2.

जीवाणु का कृषि क्षेत्र में क्या उपयोग है ?

उत्तर

जीवाणु का कृषि में उपयोग-कृषि के क्षेत्र में जीवाणु निम्न प्रकार से उपयोगी हैं

  • ये मृत जीवों का अपघटन करके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं।
  • ये भूमि में N2, स्थिरीकरण द्वारा इसकी उपजाऊ शक्ति में वृद्धि करते हैं।
  • नीले-हरे शैवालों का उपयोग उर्वरकों के रूप में किया जाता है।
  • ये पदार्थों के चक्रीयकरण में भाग लेकर भूमि में खनिज लवणों की मात्रा का नियंत्रण करते हैं।

प्रश्न 3.

सिरका उद्योग में किस तरह जीवाणुओं का प्रयोग होता है ?

उत्तर

सिरका उद्योग में शर्करा का किण्वन यीस्ट के द्वारा किया जाता है जिससे शराब तैयार की जाती है इस एथिल ऐल्कोहॉल को अधिक समय तक खुले हवा में छोड़ दें तो वह सिरके में बदल जाता है।

NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi
NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

प्रश्न 4.

प्रतिजैविक प्रदान करने वाले पाँच कवकों के नाम लिखिए।

उत्तर

कवकों के नाम जिनसे प्रतिजैविक औषधियाँ प्राप्त की जाती हैं, निम्नलिखित हैं

NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi
NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

प्रश्न 5.

प्रतिजैविक पैदा करने वाले पाँच जीवाणुओं के नाम लिखिए।

उत्तर

प्रतिजैविक पैदा करने वाले पाँच जीवाणु

NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi
NCERT Solutions for Class 12 Biology Chapter 10 Microbes in Human Welfare (मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव) PDF in Hindi

मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.

जीवाणुओं के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग लिखिये।

उत्तर

जीवाणुओं के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग निम्नानुसार हैं

  • नाइट्रोजन स्थिरीकरण-कुछ जीवाणु जैसे-ऐजोटोबैक्टर तथा क्लॉस्ट्रिडियमनाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा भूमि की उर्वर शक्ति को बढ़ाते हैं।
  • लैक्टिक अम्ल निर्माण-लैक्टोबैसिलस लैक्टाई जीवाणु दूध के लैक्टोज को लैक्टिक अम्ल (दही) में परिवर्तित कर देते हैं।
  • ऐसीटिक अम्ल निर्माण-ऐसीटोबैक्टर ऐसीटाई जीवाणु सिरका का निर्माण करता है।
  • रेशे की रेटिंग-कुछ जीवाणु जैसे- क्लॉस्ट्रिडियम ब्यूटीरियमपादप रेशों के उत्पादन में सहायता करते हैं।
  • तम्बाकू एवं चाय उद्योग-कुछ जीवाणु जैसे-माइकोकॉकस कॉण्डीसेन्सतम्बाकू एवं चाय की सीजनिंग करते हैं।
  • औषधि निर्माण-कुछ जीवाणु जैसे-स्ट्रेप्टोमाइसिस से प्रतिजैविक औषधियाँ प्राप्त होती हैं।
  • सहजीवी के रूप-कुछ जीवाणु हमारे शरीर में सहजीवी रूप (जैसे-इश्चिरीचिया कोलाई) में रहकर जैविक क्रिया में मदद करते हैं।

प्रश्न 2.

विषाणु के अनुप्रयोग पर निबंध लिखिए।

उत्तर

विषाणुओं के अनुप्रयोग भिन्न क्षेत्रों में निम्नानुसार हैं

  • जैविक नियंत्रण में-जीवाणुभोजी विषाणुओं के द्वारा हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट किया जाता है अर्थात् यह जैव नियंत्रक के काम आता है।
  • रोगों के उपचार में-न्यूमोनिया, टी.बी., कोढ़ आदि के उपचार में जीवाणुभोजियों का उपयोग कर रोगजनक जीवाणुओं का भक्षण करवाया जाता है।
  • अंतरिक्ष सूक्ष्मजीव विज्ञान में-जीवाणुभोजियों के Lysogenic cultures Radiation detector के रूप में उपयोग आते हैं।
  • आनुवंशिकी अभियांत्रिकी में इसमें फेजेस का उपयोग आनुवंशिक पदार्थ को एक कोशिका से दूसरी कोशिका में स्थानांतरित करने में करते हैं।
  • प्रदूषित जल उपचार में-जीवाणुओं एवं अन्य सूक्ष्मजीवों द्वारा प्रदूषित जल के उपचार हेतु जीवाणुभोजी का उपयोग करते हैं। इसके अलावा भूमि की उर्वरता हेतु हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने में एवं अनुसंधान हेतु जीवाणुभोजी का प्रयोग वेक्टर के रूप में करते हैं।

प्रश्न 3.

विभिन्न क्षेत्रों में कवकों की उपयोगिता बताइए।

उत्तर

कवकों के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगिता निम्नलिखित हैं

(1) औषधि के रूप में अनेक प्रकार के ऐण्टिबायोटिक कवकों से प्राप्त किये जाते हैं, जैसे-पेनिसिलीन, पेनिसिलियम नोटेटम (Penicillium notatum) से प्राप्त किया जाता है।

(2) भूमि की उर्वरता-कवक कई सड़े-गले पदार्थों का अपघटन करके भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं।

(3) उद्योगों में-

  • बेकरी उद्योग में कुछ यीस्ट तथा दूसरे कवकों को आटा के साथ गूंथकर ब्रेड बनाई जाती है।
  • शराब उद्योग में-यीस्ट तथा दूसरे कवकों में जाइमेज तथा कई ऐसे ही एन्जाइम पाये जाते हैं, जिनकी सहायता से कार्बोहाइड्रेट्स युक्त पदार्थों का किण्वन करके शराब बनाई जाती है।
  • रासायनिक उद्योग में कई प्रकार के अम्लों तथा अन्य रासायनिक वस्तुओं का निर्माण कवकों की सहायता से किया जाता है, जैसे-साइट्रिक अम्ल को ऐस्परजिलस नाइगर (Aspergillus niger) की सहायता से प्राप्त किया जाता है।
  • पनीर उद्योग में-पनीर निर्माण के समय इनका उपयोग किण्वन कारक के रूप में किया जाता है।
  • प्रकीण्व बनाने में-ऐमाइलेज ऐस्परजिलस तथा जाइमेज यीस्ट से प्राप्त किया जाता है।

(4) नाइट्रोजन स्थिरीकरण-कई कवक जैसे-रोडोटुरुला (Rodotounula) नाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं।

(5) हॉर्मोन निर्माण में-जिबरेलिन नामक हॉर्मोन जिबरेला फ्यूजिकोराई नामक कवक से प्राप्त किया जाता है।

(6) अनुसंधान में-न्यूरोस्पोरा जैसे कई कवकों का उपयोग आनुवंशिकी तथा कई अनुसंधानों में किया जाता है।

(7) वातावरण को शुद्ध करना-कवक अपघटन द्वारा वातावरण को शुद्ध करते हैं।

(8) जैविक नियंत्रण-जब एक जीव द्वारा बना पदार्थ दूसरे जीव को नष्ट कर देता है, तो इसे जैविक नियंत्रण कहते हैं।

(9) वर्णकों का निर्माण-मोनेस्कस द्वारा प्राप्त लाल रंग चावल रंगने के काम आता है।

प्रश्न 4.

बायो गैस के उत्पादन में सूक्ष्म जीव किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं? व्याख्या कीजिये।

उत्तर

बायो गैस के उत्पादन में सूक्ष्मजीवों की भूमिका-गोबर गैस एक प्रकार के गैसों का मिश्रण है जिसमें मीथेन भी उपस्थित होती है जो सूक्ष्मजीवी सक्रियता द्वारा उत्पन्न होती है। कुछ बैक्टीरिया जो सेल्यूलोज युक्त पदार्थों पर अवायवीय रूप में उगते हैं वह CO2, तथा H2, के साथ-साथ बड़ी मात्रा में मीथेन (Methane) उत्पन्न करते हैं।

सामूहिक रूप से इन जीवाणुओं को मीथेनोजेन (Methanogens) कहते हैं। इनमें सामान्य जीवाणु मीथेनोबैक्टीरिया है। पशुओं के मल को गोबर कहते हैं। जिसमें ये जीवाणु प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं, जो गोबर गैस (Gobar gas) अथवा बायो गैस (Biogas) का उत्पादन करते हैं।

बायो गैस संयंत्र अथवा गोबर गैस संयंत्र एक बड़ा टैंक होता है जिसकी गहराई 10-15 फीट होती है, इस टैंक में अपशिष्ट संग्रहीत एवं गोबर की स्लरी (Slurry) भरी जाती है। स्लरी के ऊपर एक सचल ढक्कन रखा जाता है। जिसे गैस होल्डर (Gas holder) कहते हैं। सूक्ष्मजीवी सक्रियता के कारण अथवा मीथेनोजेन (Methanogenes) बैक्टीरिया की उपस्थिति में रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप गैस का निर्माण होता है। जिसके फलस्वरूप ढक्कन अर्थात् गैस होल्डर ऊपर की ओर उठ जाता है।

बायो गैस संयंत्र में एक निकास होता है जिसकी सहायता से पाइप के द्वारा घरों में गैस की पूर्ति की जाती है। उपयोग में ली गई स्लरी दूसरे विकास द्वार से बाहर निकाल दी जाती है। इसका उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है |

भारत में बायो गैस उत्पादन प्रौद्योगिकी को विकसित करने में निम्न का प्रमुख योगदान रहा है-

  • भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (Indian Agricultural Research Institute IARI).
  • खादी व ग्रामोद्योग आयोग (Khadi and Village Industries Commission KVIC).

I am SK the author of this website, here information related to various schemes and board exams is shared.

close